छत्तीसगढ़ की मिट्टी और उसके प्रकार
1)लाल-पीली मिट्टी = (50%-60%) = मटासी
2)लाल-बलुई मिट्टी = (25%-30%) = टिकरा
3)लाल-दोमट मिट्टी = (10%-15%)
4)काली मिट्टी = (5%) = कन्हार, भर्री
5)लेटेराइट मिट्टी = (3%) = भाठा, मुरमी
लाल-पीली मिट्टी
रंग = लाल (फेरस ऑक्साइड)
पीला(फेरिक ऑक्साइड)
प्रकृति = acidic-basic
pH (5.5-8.5)
उपजाऊ = नाइट्रोजन, ह्यूमस की कमी
फसल = धान, कोदो-कुटकी, अलसी, तिल, ज्वार, मक्का आदि
जल धरण क्षमता = कम
लाल-बलुई मिट्टी
ग्रेनाइट और नीस चट्टानों से बना है|
विस्तार = बस्तर के पूरे पठार में, (बालोद और धमतरी) के दक्षिणी भाग में
रंग = लाल रंग
प्रकृति = acidic
उपजाऊ = कम
फसल = मोठे अनाज, आलू, तिलहन, कोदो-कुटकी आदि
जलधारण क्षमता = सबसे कम
वृक्षारोपण के लिए उत्तम है
लाल-दोमट मिट्टी
ग्रेनाइट और आर्कियन चट्टानों से बना है|
विस्तार = कोंटा, दंतेवाड़ा
रंग = लाल
प्रकृति = acidic
उपजाऊ = कम
फसल = मोठे अनाज,दलहन, तिलहन आदि
जलधारण क्षमता = कम
काली मिट्टी
बेसाल्ट चट्टानों से बना है|
विस्तार = मुंगेली, बेमेतरा, कवर्धा, कुरुद, धमतरी, राजिम, महासमुंद
रंग = काला (फेरिक टाइटेनियम और क्ले के mixture के कारण)
लोहे के ऑक्सीकरण के कारण
प्रकृति = acidic
उपजाऊ = अधिक
फसल = कपास, चना, गेहूं, गन्ना, मूंगफली आदि
जलधारण क्षमता = अधिक
धान की फसल के लिए सर्वोत्तम
लेटेराइट मिट्टी
विस्तार = बगीचा, सामरी, सीतापुर,पतन, तिल्दा, चापा तहसील
रंग = लाल
प्रकृति = basic
उपजाऊ = सबसे कम
फसल = बागानी फसल, आलू, लीची
अन्य नाम = भाठा, मुरमी
जलधारण क्षमता = कम
अन्य मिट्टी
डोरसा = काली मिट्टी (कन्हार) + लाल-पीली मिट्टी (मटासी)
बस्तर की मिट्टी (उच्च से निम्न)
मरहान
टिकरा
माल
गभार
सरगुजा की मिट्टी (उच्च से निम्न)
टिकरा
छावर
गोंदा छावर
बाहरा
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| भोरमदेव मंदिर |




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